नहाने गई बेटी तो परिवार को थी बस यही फिक्र कि कहीं देर न हो जाए, लेकिन जब दरवाजा तोड़ा गया तो पूरा घर सदमे में डूब गया। रुद्रपुर के इस वारदात ने हर किसी की आंखें नम कर दीं।
Rudrapur Deoria Suicide News: चाय के प्याले अभी मेज पर ही थे और घर में मातम पसर गया
देवरिया/रुद्रपुर: जिले के रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र में शनिवार की सुबह एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। यूपी के देवरिया ज़िलें (Rudrapur Deoria Suicide News) की इस खबर के अनुसार, पिडहनी गांव में एक 15 वर्षीय किशोरी ने घर की छत पर जाकर संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी का फंदा लगा लिया। परिजनों ने जब उसे फंदे से लटका देखा तो मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
घर के काम में लगी थी बेटी, फिर गई छत पर
जानकारी के मुताबिक, ग्राम पिडहनी निवासी मेवा लाल साहनी की पुत्री सोनी (15) कक्षा 9 की छात्रा थी। शनिवार सुबह वह रोजाना की तरह उठी और घरेलू कामों में हाथ बंटाने लगी। उसने परिवार के सदस्यों के लिए चाय भी बनाई। इसके कुछ देर बाद वह नहाने की बात कहकर घर की छत की तरफ गई थी।
काफी समय बीत जाने के बाद भी जब सोनी नीचे नहीं आई तो परिजनों को चिंता सताने लगी। जब परिवार के लोग छत पर पहुंचे तो वहां का नजारा देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सोनी अपनी ही साड़ी के सहारे फंदे से झूल रही थी।
परिवार ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया, डॉक्टर ने किया मृत घोषित
हड़बड़ी में परिजन आनन-फानन में सोनी को फंदे से उतारकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रुद्रपुर लेकर पहुंचे। वहां मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस खबर से पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका के पिता मेवा लाल के चार बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे और दो बेटियां हैं। सोनी दूसरे नंबर की संतान थी, जबकि उसकी बड़ी बहन की शादी पहले ही फतेहपुर भेड़ा पाकड़ में हो चुकी है।
पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी कल्याण सिंह सागर और उप निरीक्षक दिनेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया।
फिलहाल आत्महत्या के पीछे के सटीक कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि छात्रा के मोबाइल फोन की जांच की जाएगी और परिजनों से भी विस्तृत पूछताछ की जाएगी। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह एक साधारण आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई अन्य कारण छिपा है।
शिक्षा और सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य और उनके ऊपर पड़ने वाले दबाव को लेकर बहस छेड़ दी है। एक मामूली से गांव में रहने वाली यह छात्रा किस बात से इतनी आहत थी कि उसने इस कदम को उठाना मुनासिब समझा, यह सवाल सबके जहन में है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।
गांव का माहौल गमगीन, हर आंख नम
उधर ग्राम पिडहनी में घटना के बाद से मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। स्कूल की पढ़ाई के बीच इस तरह बेटी का उठ जाना परिवार के लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अगर बच्चों के व्यवहार में कोई असामान्य बदलाव दिखे तो तुरंत उनसे संवाद करें और जरूरत पड़ने पर मनोवैज्ञानिक की मदद लें।
