शेयर बाजार में गिरावट: सेंसेक्स 123 अंक टूटकर 77,989 पर बंद, निफ्टी भी 24,200 के नीचे फिसला, अब आगे क्या है सपोर्ट और रेजिस्टेंस?

मुंबई। हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन बाजार की चाल एक बार फिर मायूस करने वाली रही। वैश्विक संकेतों के मिले-जुले रहने के बीच ऑटो और बैंकिंग सेक्टर पर मुनाफावसूली का ऐसा दबाव बना कि सुबह की हल्की मजबूती दोपहर होते-होते लाल निशान में बदल गई। शेयर बाजार में गिरावट का यह सिलसिला लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा।

गुरुवार, 16 अप्रैल को कारोबार की समाप्ति पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 123 अंक यानी 0.16 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 77,989.42 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 35 अंक (0.14 प्रतिशत) की हल्की गिरावट लेकर 24,197.10 पर आकर थम गया। हालांकि, बाजार की चौड़ाई मिली-जुली रही क्योंकि मेटल और आईटी शेयरों में अच्छी खरीदारी ने गिरावट को कुछ हद तक थामे रखा।

आज का बाजार हाल: एक तरफ खरीद, दूसरी तरफ भारी बिकवाली

अगर सेक्टोरल परफॉरमेंस पर नजर डालें तो आज का दिन ‘सेक्टर रोटेशन’ का नमूना रहा। जहां बीते दिनों जमकर भागे ऑटो स्टॉक्स निवेशकों के लिए मुसीबत बने, वहीं मेटल शेयरों ने पोर्टफोलियो को सहारा दिया।

  • ऑटो और प्राइवेट बैंकों पर ब्रेक: दोपहर बाद एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे दिग्गज प्राइवेट लेंडर्स में अचानक बिकवाली तेज हो गई। इसी तरह महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज ऑटो जैसे ऑटो शेयर भी दबाव में नजर आए। विश्लेषकों का मानना है कि मार्केट रेगुलेटर के नए नोटिफिकेशन और ब्याज दरों में कटौती को लेकर बने संशय ने निवेशकों को इन सेक्टर्स में मुनाफा बुक करने पर मजबूर किया
  • मेटल और आईटी ने संभाला मोर्चा: डॉलर इंडेक्स में कमजोरी के चलते कमोडिटी कीमतों में तेजी से टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील और हिंडाल्को जैसे मेटल शेयरों में चमक देखने को मिली। इसके अलावा, इंफोसिस और एचसीएल टेक जैसी आईटी कंपनियों में भी चुनिंदा खरीदारी ने निफ्टी को 24,150 के नीचे फिसलने से रोके रखा।

सपोर्ट और रेजिस्टेंस: अब बाजार की नजर किस पर?

वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की ताजा तकनीकी रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार फिलहाल एक संकरे दायरे में सिमटता दिख रहा है। निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि अब आगे कौन से स्तर बाजार की दिशा तय करेंगे।

सपोर्ट लेवल (जहां गिरावट को ब्रेक लग सकता है):
निफ्टी के लिए तात्कालिक मजबूत आधार 23,940 पर नजर आ रहा है। अगर यह स्तर टूटता है तो इंडेक्स 23,850 और फिर 23,462 तक फिसल सकता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि अगर बाजार 23,850 के आसपास टिकाव दिखाता है तो यह गुणवत्तापूर्ण शेयरों में नई खरीदारी का एक बेहतरीन मौका हो सकता है।

रेजिस्टेंस लेवल (जहां रुकावट आ सकती है):
तेजी के लिए निफ्टी को पहले 24,143 का मनोवैज्ञानिक स्तर पार करना होगा। इसके बाद 24,387 पर बड़ी बाधा है। अगर यह रेजिस्टेंस जोन पार हो जाता है तो ही बाजार में नई रफ्तार और ऑल-टाइम हाई की तरफ कदम बढ़ने की उम्मीद की जा सकती है।

अब आगे क्या?

बाजार की यह सुस्ती निवेशकों के लिए धैर्य की परीक्षा ले रही है। एक तरफ विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली बाजार पर बोझ बनी हुई है, वहीं दूसरी तरफ घरेलू संस्थान और रिटेल निवेशक हर गिरावट पर खरीदारी का मौका तलाश रहे हैं। फिलहाल कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन यानी कल शुक्रवार को बाजार की चाल पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी। बाजार विशेषज्ञों का सुझाव है कि जब तक निफ्टी 24,387 के रेजिस्टेंस को पार नहीं कर लेता, तब तक हर उछाल पर थोड़ी सतर्कता बरतना और पोजीशनल ट्रेडिंग करना ही समझदारी होगी। कल का कारोबार किस दिशा में जाता है, यह देखना दिलचस्प रहेगा।


डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। यहां दिए गए सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल वेल्थ व्यू एनालिटिक्स के तकनीकी विश्लेषण पर आधारित हैं। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें। लेख में दी गई जानकारी केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है।

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