देवरिया/रुद्रपुर। एक तरफ खेतों में पराली जलाने से उठता काला धुआं, दूसरी तरफ तेज रफ्तार बाइक और आगे चलता भारी भरकम ट्रक। बस एक पल की चूक और जिंदगी की डोर आग की लपटों में तब्दील हो गई। देवरिया हादसा ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की सड़कों पर छाई अदृश्य मौत की चादर को बेनकाब कर दिया है।
जिले के रुद्रपुर-पचलड़ी मार्ग पर गुरुवार शाम उस वक्त कोहराम मच गया जब काशीपुर गांव के पास धुएं की वजह से दृश्यता शून्य हो गई और एक अनियंत्रित बाइक आगे जा रहे ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सड़क से उछलकर सीधे सटे हुए गेहूं के खेत में जा गिरी, जहां पहले से ही डंठल जलने से आग धधक रही थी। इस हादसे में बाइक सवार युवक की जिंदा जलकर मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसके साथ बैठा एक मासूम बच्चा ईश्वर की कृपा से बाल-बाल बच गया।

ऐसे हुआ हादसा: धुएं की सफेद चादर ने छीनी रोशनी
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, काशीपुर गांव की तरफ से गुजर रही सड़क के किनारे किसान अपने खेतों में गेहूं कटाई के बाद बचे डंठल (पराली) को जला रहे थे। तेज हवा के कारण इस जलते डंठल का गाढ़ा काला और सफेद धुआं पूरी सड़क पर छा गया। इसी दौरान एक युवक बाइक पर पीछे एक छोटे बच्चे को बैठाकर रुद्रपुर की तरफ से पचलड़ी जा रहा था। अचानक धुएं के घने गुबार में उसे आगे धीमी गति से चल रहे ट्रक का आभास ही नहीं हुआ और बाइक ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई।
टक्कर के बाद बाइक पर बैठा युवक अनियंत्रित होकर सीधे दाहिनी तरफ जल रहे खेत में जा गिरा। पेट्रोल से भरी बाइक ने भी खेत में पहुंचते ही आग पकड़ ली। स्थानीय लोगों ने बताया कि युवक के कपड़ों में आग लग चुकी थी और वह चीख-पुकार करता रहा, लेकिन जब तक ग्रामीण पानी और कंबल लेकर पहुंचते, तब तक देर हो चुकी थी और वह पूरी तरह जल चुका था।
साथ बैठा मासूम दूसरी ओर गिरकर बचा
इस भीषण हादसे में एक राहत की खबर यह रही कि बाइक पर पीछे बैठा करीब 6-7 साल का मासूम बच्चा टक्कर के झटके में दूसरी ओर सड़क के किनारे गिर गया। जहां उसे मामूली खरोंचें आई हैं और वह सुरक्षित है। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्चे को कब्जे में लेकर परिजनों को सूचित किया। बच्चे की सूझबूझ और किस्मत ने उसे उस आग की भट्टी से दूर रखा जिसने उसके साथी की जान ले ली।
पुलिस जांच में जुटी, मृतक की शिनाख्त का प्रयास
घटना की सूचना मिलते ही रुद्रपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर हरि राम यादब ने बताया कि मृतक गौरीबाजार के बिरवा गांव का रहने वाला था जिसका नाम मिसाफिर पुत्र जगदीश है उम्र लगभग 40-45 वर्ष हैं। खेत में पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। थाना प्रभारी ने कल्याण सिंह सागर बताया कि ट्रक को कब्जे में लिया जा चुका है। लेकिन जांच में बाइक से बाइक की टक्कर की बात भी सामने आ रही है। जिसकी गहराई स्व जांच की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर प्रशासन को आईना दिखाती है कि फसल अवशेष जलाने की घटनाएं न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक हैं, बल्कि सड़कों पर चलने वाले लोगों की जान की सीधी दुश्मन बन रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी लापरवाही पर तत्काल रोक लगाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है।
