कानपुर NCC कैडेट सुसाइड: गर्लफ्रेंड के इनकार पर फंदा, परिवार ने लगाया हत्या का आरोप

कानपुर के एक होटल कमरे में फंदे से लटका मिला एक किशोर, और बाहर चीखती हुई भागी उसकी गर्लफ्रेंड—यह दृश्य किसी फिल्म का नहीं, बल्कि हरबंश मोहाल थाना क्षेत्र की सच्ची घटना का है। 17 साल का NCC कैडेट मयंक, जो BSC फर्स्ट ईयर का छात्र था, सोमवार को कैंप खत्म होने के बाद ही मौत की आगोश में समा गया।

कानपुर NCC कैडेट सुसाइड की यह घटना न सिर्फ एक प्रेम विवाद की कहानी बयां करती है, बल्कि किशोरावस्था के उन दबावों को भी उजागर करती है जो अक्सर अनदेखे रह जाते हैं। मूल रूप से फर्रुखाबाद के कायमगंज का रहने वाला मयंक किसान परिवार का बीच का बेटा था। पढ़ाई के साथ-साथ वह एनसीसी कैडेट के रूप में सक्रिय था, जहां दो साल पहले उसकी मुलाकात अपनी गर्लफ्रेंड से हुई थी। दोनों ने फोन नंबर एक्सचेंज किए, बातें बढ़ीं और छह महीने से रिश्ता गहरा हो गया। लेकिन मंगलवार को एक छोटा-सा विवाद सब कुछ बदल गया।

कानपुर NCC कैडेट सुसाइड: कैंप से होटल तक का सफर

मयंक 24 अक्टूबर को एनसीसी कैंप में हिस्सा लेने कानपुर पहुंचा था। 10 दिनों की इस ट्रेनिंग के आखिरी दिन, यानी सोमवार को, उसने पिता को फोन कर घर लौटने की बात कही। लेकिन कैंप खत्म होते ही वह अपनी गर्लफ्रेंड के साथ अनुराग होटल के ड्रीम इन पहुंच गया। दोपहर करीब 12:50 बजे दोनों ने आईडी कार्ड जमा कर 800 रुपये में फर्स्ट फ्लोर का कमरा नंबर 101 लिया। गर्लफ्रेंड, जो कानपुर देहात की रहने वाली है और खुद भी BSC कर रही है, ने बताया कि तीन साल से वह एनसीसी में थी। दोनों की पहली मुलाकात ही कैंप में हुई थी।

कमरे में घुसते ही मयंक ने एक रात और रुकने का प्रस्ताव रखा। गर्लफ्रेंड ने मना कर दिया। बातें बढ़ीं, विवाद हुआ। फिर वह नहाने चली गई। बाहर निकली तो मयंक पंखे से लटके उसके ही दुपट्टे के फंदे पर झूल रहा था। दृश्य देखते ही वह चीख पड़ी और रिसेप्शन की ओर दौड़ पड़ी। सुबह 11:30 बजे होटल स्टाफ को सूचना मिली। कर्मचारियों ने युवक को फंदे से उतारा और तुरंत पुलिस को कॉल किया।

परिवार का गहरा दर्द: पैसे ट्रांसफर किए थे भाई ने

मयंक के बड़े भाई ने बताया कि छोटा भाई 2 नवंबर को फोन पर पैसे मांगने आया था। उन्होंने उसके खाते में 4 हजार रुपये भेजे थे। पिता को मंगलवार दोपहर बाद ही बेटे की मौत की खबर मिली। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजन बिलख पड़े। पिता ने गर्लफ्रेंड पर ही हत्या का आरोप लगा दिया। उन्होंने हरबंश मोहाल थाने में तहरीर भी दे दी है। परिवार का कहना है कि बेटा घर आने वाला था, अचानक यह कदम क्यों? शक की सुई सीधे युवती पर टिक गई।

फर्रुखाबाद से कानपुर का यह सफर मयंक के लिए आखिरी साबित हुआ। तीन भाइयों में बीच का यह लड़का पढ़ाई में तेज था, लेकिन प्रेम के इस मोड़ पर सब कुछ उलट गया। भाईयों का दावा है कि कैंप के दौरान ही कुछ गड़बड़ लग रही थी, लेकिन बेटे ने कुछ नहीं बताया।

पुलिस जांच: फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए

मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को नजदीकी अस्पताल ले जाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फोरेंसिक टीम ने होटल कमरे से सारे सबूत इकट्ठा किए—दुपट्टा, कमरे की हालत, और अन्य सामान। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। एसीपी कलक्टरगंज आशुतोष कुमार ने पुष्टि की कि दोनों दोपहर में ही होटल आए थे।

होटल संचालक पर भी कार्रवाई तय है। नाबालिग को कमरा देने के चलते उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। युवती से लंबी पूछताछ हुई, जिसमें उसने पूरा ब्योरा दिया। विवाद के बाद नहाने जाना, फिर फंदा देखना—सब कुछ वैसा ही बताया। लेकिन परिवार के आरोपों ने केस को और जटिल बना दिया है। थाना प्रभारी ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही अगला कदम तय होगा।

प्रेम विवाद से सुसाइड: किशोरों के रिश्तों की सच्चाई

कानपुर NCC कैडेट सुसाइड जैसी घटनाएं कैंपों में पनपते रिश्तों की उस सच्चाई को सामने लाती हैं, जहां दोस्ती प्यार में बदल जाती है। मयंक और युवती की कहानी भी ऐसी ही थी—दो साल पुरानी मुलाकात, फोन पर बातें, और छह महीने का अफेयर। लेकिन एक ‘नहीं’ ने सब खत्म कर दिया। पुलिस का मानना है कि मानसिक दबाव ने युवक को यह कदम उठाने पर मजबूर किया।

यह केस अभी जांच के दौर में है। नए तथ्य सामने आते ही अपडेट्स के लिए जुड़े रहें—क्या पोस्टमार्टम में कुछ और निकलेगा, या परिवार का आरोप साबित होगा?

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