देवरिया में भारी बारिश और आंधी ने मचाई तबाही: 300 से ज्यादा पोल गिरे, ट्रेनें रुकीं, जनजीवन ठप

देवरिया (उत्तर प्रदेश), 04 अक्टूबर: यूपी के देवरिया ज़िलें में पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश और तेज आंधी ने ऐसा कहर बरपाया कि पूरा जिला थम सा गया। सड़कें जलमग्न, बिजली गुल और ट्रेनें रुकने से हजारों लोग बेहाल हो चले हैं।

देवरिया में भारी बारिश और आंधी की वजह से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। शुक्रवार शाम से शुरू हुई यह आपदा अब तक थमने का नाम नहीं ले रही, जिसमें 120 मिमी से ज्यादा वर्षा दर्ज की जा चुकी है। जिले भर में बिजली के करीब 300 पोल टूटकर गिर गए, जिससे पूरे क्षेत्र में अंधेरा छा गया। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहर तक, लोग लालटेन और मोबाइल टॉर्च की रोशनी में रातें गुजार रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और वर्षा की चेतावनी दी है, जिससे हालात और बिगड़ने की आशंका है।

बिजली व्यवस्था पर सबसे बड़ा असर

जिले के 43 विद्युत उपकेंद्रों से निकलने वाले फीडरों पर तेज हवाओं का कहर टूटा। स्टेशन रोड पर 25 केवी का बड़ा ट्रांसफॉर्मर पोल समेत धराशायी हो गया, जिससे न सिर्फ बिजली सप्लाई रुकी बल्कि सड़क यातायात भी घंटों बाधित रहा। न्यू कॉलोनी, रामलीला मैदान, भुजौली, साकेत नगर जैसे मोहल्लों में तार टूटने और खंभे गिरने की घटनाएं आम हो गईं। ग्रामीण क्षेत्रों में तो स्थिति और भयावह है, जहां खेतों और रास्तों पर गिरे पोलों ने पानी निकासी को भी प्रभावित किया। बिजली विभाग के अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि कर्मचारी रेनकोट पहनकर दिन-रात मरम्मत में जुटे हैं, लेकिन लगातार वर्षा काम में रोड़ा बन रही है।

ट्रेन संचालन पूरी तरह प्रभावित

रेलवे ट्रैक पर गिरे पेड़ों ने ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। गौरीबाजार-बैतालपुर, नोखा-अहिल्यापुर जैसे सेक्शन में भारी पेड़ टूटकर गिरे, जिससे विद्युत तार क्षतिग्रस्त हो गए। नतीजतन, आधा दर्जन से ज्यादा ट्रेनें स्टेशनों पर खड़ी रहीं। 55055, 15130 और 55042 जैसी ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं, जबकि 12553, 14673 समेत कई का रूट डायवर्ट किया गया। सुबह 7 बजे से दोपहर 4 बजे तक रेलवे कर्मियों ने मलबा हटाया और तारों की मरम्मत की, तब जाकर शाम तक संचालन बहाल हो सका। यात्रियों ने घंटों इंतजार में असुविधा झेली, लेकिन अधिकारियों ने सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए फैसले का बचाव किया।

जलभराव और यातायात की मुश्किलें

देवरिया में भारी बारिश और आंधी से सड़कें और मोहल्ले पानी में डूब गए। इन्दूपुर, बढ़या बुजुर्ग, रुद्रपुर जैसे इलाकों में पेड़ गिरने से मुख्य मार्ग अवरुद्ध हो गए। बरहज में एक कार पर पेड़ गिरने से चालक घायल हो गया, जबकि लार क्षेत्र में रामजानकी मार्ग 11 घंटे जाम रहा। सलेमपुर में तहसील, अस्पताल और कोतवाली परिसर जलमग्न हो गए, जहां कर्मचारी और फरियादी गिरकर चोटिल हो रहे हैं। डीएम दिव्या मित्तल ने खुद सड़कों पर उतरकर निरीक्षण किया और नालियों की सफाई, पंपिंग सेट लगाने के निर्देश दिए। यातायात पुलिस को जाम न लगने देने की हिदायत मिली, लेकिन तेज हवाओं ने हालात को और जटिल बना दिया।

अस्पतालों और किसानों पर दोहरी मार

महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में बिजली गुल होने से जनरेटर तक नहीं चलाया गया, जिससे महिला वार्ड में प्रसूताएं और मरीज मोबाइल फ्लैशलाइट में इलाज कराते रहे। भाटपार रानी में आकाशीय बिजली गिरने से तीन बच्चे घायल हो गए और एक गाय की मौत हो गई। किसानों के लिए यह वर्षा मिश्रित आशीर्वाद बनी, जहां धान की फसलें गिरकर बर्बाद हो गईं। इन्दूपुर और रुद्रपुर में सागौन के पेड़ टूटने से खेत पानी से लबालब भर गए, और पानी निकासी की कोशिशें नाकाम रहीं। तापमान 6 डिग्री गिरने से उमस से राहत मिली, लेकिन फसल नुकसान ने चिंता बढ़ा दी।

प्रशासन के प्रयास और नागरिकों की शिकायतें

देवरिया में भारी बारिश और आंधी ने मचाई तबाही: 300 से ज्यादा पोल गिरे, ट्रेनें रुकीं, जनजीवन ठप

जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर बिजली बहाली को प्राथमिकता दी, खासकर मुख्यालय और अस्पतालों की। नगर पालिका कर्मी जल निकासी में जुटे हैं, जबकि रुद्रपुर में एसडीएम और पुलिस ने जेसीबी से सड़कें साफ करवाईं। नागरिकों की शिकायत है कि इन्वर्टर बैटरी खत्म हो रही हैं, बच्चों की पढ़ाई रुकी है और फ्रिज में सामान खराब हो रहा। ग्रामीण इलाकों में कच्चे घर गिरने की खबरें भी आ रही हैं, जहां लोग लालटेन के सहारे जी रहे हैं।

अधिकारियों का कहना है कि युद्धस्तर पर काम चल रहा है और जल्द ही हालात सामान्य होंगे। मौसम की ताजा अपडेट्स और राहत कार्यों की जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।

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