सास को रोटी में जहर देकर मारने वाली बहू का चौंकाने वाला खुलासा: भांजे से अफेयर के लिए रची साजिश, पति भी था टारगेट पर

लखनऊ के काकोरी थाना क्षेत्र के इब्राहिमगंज गांव में एक ऐसी घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है, जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा कांप जाए। 65 वर्षीय शांति देवी को उनकी ही बहू शालिनी ने रोटी में जहर मिलाकर मौत के घाट उतार दिया। सब कुछ बस एक अवैध संबंध की वजह से। पुलिस पूछताछ में शालिनी ने ठंडे दिमाग से की गई साजिश का पूरा कबूलनामा कर लिया है।

परिवार की साधारण जिंदगी कैसे बन गई खौफनाक कहानी

इब्राहिमगंज गांव में मनोज रावत अपनी पत्नी शालिनी, मां शांति देवी और छोटे बेटे के साथ साधारण जीवन गुजार रहे थे। चार साल पहले हुई शादी के बाद एक बेटा भी हुआ। मनोज पिता की सब्जी की दुकान संभालते थे और खेतीबाड़ी भी देखते थे। सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था।

लेकिन जनवरी 2026 में मनोज के भांजे करन रावत इराक से नौकरी छोड़कर लौटा। ननिहाल पहुंचते ही उसकी नजर मामी शालिनी पर पड़ गई। दोनों के बीच अट्रैक्शन हुआ और धीरे-धीरे फोन पर बातें, बार-बार मिलने लगे। रिश्तेदारी का बहाना था, इसलिए शुरू में किसी को शक नहीं हुआ।

मनोज ने एक बार शालिनी को फोन पर बात करते पकड़ लिया और उसका फोन तोड़ दिया। लेकिन करन चचेरे भांजे की मदद से फिर संपर्क बनाए रखता। सास शांति देवी को यह सब अखरने लगा। वह दोनों को मिलने-बात करने से रोकने लगीं। यहीं से कहानी का ट्विस्ट शुरू हुआ।

दो बार जहर की कोशिश, दूसरी बार कामयाब

शालिनी ने पुलिस को बताया कि 10 दिन पहले उसने शांति देवी की चाय में कीटनाशक मिलाया था, लेकिन बुजुर्ग महिला ने पूरी चाय नहीं पी ली, इसलिए बच गईं। फिर 5 अप्रैल को उसने घर के आटे में कीटनाशक मिलाकर रोटी बनाई और सास को खिला दी।

शांति देवी ने कहा कि रोटी कुछ कड़वी लग रही है। डेढ़ रोटी खाने के बाद उन्हें उल्टी और मिचली होने लगी। मनोज उन्हें पहले लोकल डॉक्टर के पास ले गए, फिर जुनाबगंज और आखिर में प्रसाद अस्पताल पहुंचाया। 6 अप्रैल को उनकी मौत हो गई। परिवार ने शव को गांव के पास ही दफना दिया।

पति को हुआ शक, गांव की पंचायत में खुला राज

मौत के बाद घर में चर्चा हुई। शालिनी ने बताया कि बची हुई रोटी बाहर रखी है, लेकिन मनोज को बाहर कुछ नहीं मिला। 7 अप्रैल को एक पन्नी में लिपटी रोटी मौरंग में मिली। शालिनी गुमराह करने लगी। मनोज ने कहा कि कब्र खोदकर पोस्टमॉर्टम कराऊंगा।

गांव वालों की पंचायत में चचेरे भांजे ने खुलासा कर दिया कि शालिनी ने दो बार रुपए देकर कीटनाशक मंगवाया था। शालिनी घबरा गई और सबके सामने कबूल लिया कि करन के साथ मिलकर उसने सास की हत्या की साजिश रची। उसने यह भी कहा कि आगे नानी-नाना के बाद मामा (मनोज) को भी मारने का प्लान था, फिर दोनों साथ रहते।

लोगों ने इस कबूलनामे का वीडियो बना लिया। 10 अप्रैल को शालिनी और करन के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने शालिनी को हिरासत में लिया। 11 अप्रैल को जिलाधिकारी की अनुमति से कब्र खोदकर शव निकाला गया और विसरा जांच के लिए भेजा गया।

करन फरार, पुलिस की तलाश जारी

करन अपनी नानी की मौत के बाद से फरार है। पुलिस उसे पकड़ने के लिए छानबीन कर रही है। शालिनी 26 साल की है, करन 20 साल का। दोनों 10वीं तक पढ़े हैं। मनोज की बहन सुनीता करन की मां है और परिवार में सबसे बड़ी है।

यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि परिवार के रिश्तों में घुस आए जहर की कहानी है। जहां एक तरफ सास बेटे-बहू और पोते की खुशी देखना चाहती थी, वहीं बहू ने प्रेम के नाम पर सब कुछ कुर्बान कर दिया।
अभी विसरा रिपोर्ट का इंतजार है, जो मौत का सही कारण बताएगी।

पुलिस आगे की जांच में और खुलासे की उम्मीद कर रही है। लखनऊ दक्षिणी के डीसीपी कमलेश दीक्षित ने बताया, 11 अप्रैल को शांति देवी का शव कब्र से निकलवाया गया। विसरा सुरक्षित किया गया है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद जहर की पुष्टि हो सकेगी। पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौप दिया गया है। आरोपी महिला ने जुर्म कबूल कर लिया है उसके भांजे की तलाश जारी है।

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