प्रयागराज कोल्ड स्टोरेज हादसा: अमोनिया टैंक फटा, 27 साल पुरानी बिल्डिंग ध्वस्त, 4 मजदूरों की मौत, मालिक सपा नेता

प्रयागराज: दोपहर के करीब डेढ़ बजे अमोनिया गैस के टैंक में धमाका हुआ और फिर पल भर में 27 साल पुरानी कोल्ड स्टोरेज की बिल्डिंग ढह गई। मलबे में दबे 20 मजदूरों की चीखें अब भी लोगों के कानों में गूंज रही हैं। प्रयागराज कोल्ड स्टोरेज हादसे ने फाफामऊ इलाके में मातम पसार दिया है, जहां अब तक 4 शव निकाले जा चुके हैं और बचाव अभियान अभी जारी है।

गैस लीक के बाद हिली धरती, मलबे में दबे मजदूर

हादसा सोमवार दोपहर उस वक्त हुआ जब अधिकांश मजदूर खाना खाने और आराम कर रहे थे। अचानक कोल्ड स्टोरेज में लगे अमोनिया गैस स्टोरेज टैंक में जोरदार विस्फोट हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाका इतना तेज था कि आरसीसी पिलर स्ट्रक्चर पल भर में ढह गया और पूरी बिल्डिंग भरभराकर गिर गई।

प्रशासन को जैसे ही सूचना मिली, मौके पर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें पहुंच गईं। 7 जेसीबी की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से चलाया गया। अब तक मलबे से 17 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, लेकिन दुखद रूप से चार मजदूरों की जान नहीं बचाई जा सकी।

पिलत, मशींदर, ज्योतिष और जगदीश… बिहार से आए थे तीन मजदूर

मरने वालों की पहचान पिलत चौधरी, मशींदर, ज्योतिष और जगदीश के रूप में हुई है। जगदीश प्रयागराज के रहने वाले थे, जबकि बाकी तीनों मजदूर बिहार के थे। इन मजदूरों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। घटना के बाद से ही इलाके में अफरातफरी का माहौल है।

अमोनिया गैस से दम घोंट रहे लोग, 1 किमी दूर तक फैली बदबू

हादसे के बाद सबसे बड़ी समस्या अमोनिया गैस की फैलती बदबू बन गई है। यह गैस करीब 1 किलोमीटर के दायरे में फैल चुकी है, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। मौके पर ज्यादातर लोग मुंह पर रुमाल या गमछा बांधे नजर आ रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने को कहा है।

मालिक सपा नेता अंसार अहमद, पुलिस ने मैनेजर और परिवार के सदस्यों को हिरासत में लिया

यह आदर्श कोल्ड स्टोरेज समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद का बताया जा रहा है। करीब 10 हजार स्क्वायर फीट में फैली इस बिल्डिंग में 100 से ज्यादा मजदूर काम करते थे। हादसे के बाद से ही लोगों में गुस्सा है और पुलिस को विरोध का सामना करना पड़ा। पुलिस ने कोल्ड स्टोरेज के मैनेजर और अंसार अहमद के परिवार के कई सदस्यों को हिरासत में ले लिया है। अब देखना यह होगा कि आखिर इस हादसे की जिम्मेदारी किसकी है और 27 साल पुरानी इस बिल्डिंग की स्ट्रक्चरल ऑडिट कब हुई थी?

मुख्यमंत्री और पीएम ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान

इस दर्दनाक घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया है। दोनों नेताओं ने मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए देने की घोषणा की है। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि राहत और बचाव कार्य तो चल रहा है, लेकिन जरूरत इस बात की है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अब सबकी निगाहें प्रशासन की ओर हैं कि वह इस मामले में कितनी सख्त कार्रवाई करता है और मलबे में दबे बाकी लोगों को कब तक सुरक्षित निकाला जाता है।

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