नौतन विधानसभा चुनाव परिणाम 2025: बिहार की धरती पर सियासी जंग का एक और अध्याय लिखा गया है। नौतन विधानसभा सीट पर भाजपा के नारायण प्रसाद ने फिर से कमान संभाली, तो कांग्रेस को एक बार फिर निराशा हाथ लगी।
यहां की सड़कों पर घूमते हुए, जहां बाढ़ की यादें अभी ताजा हैं, वोटरों की आवाज साफ बता रही है कि स्थानीय मुद्दे ही फैसला तय करते हैं। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण में नौतन विधानसभा चुनाव परिणाम ने भाजपा को मजबूत संकेत दिया है।
कुल 11 उम्मीदवारों के बीच नारायण प्रसाद ने 1,01,952 वोट बटोरकर जीत का स्वाद चखा, जबकि उनके सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के अमित कुमार को 79,880 मत मिले। हार का फासला ठीक 22,072 वोटों का रहा। शुरुआती रुझानों से ही भाजपा की बढ़त साफ दिख रही थी, और जैसे-जैसे गिनती आगे बढ़ी, कांग्रेस की उम्मीदें धुंधली होती गईं। 11 नवंबर को हुए मतदान में 72.36 प्रतिशत वोट पड़े थे, और आज शुक्रवार को आए नतीजों ने इस सीट पर भाजपा की हैट्रिक पक्की कर दी।
नौतन विधानसभा चुनाव परिणाम: उम्मीदवारों की रणनीति और वोटों का खेल
नौतन विधानसभा चुनाव परिणाम को समझने के लिए मैदान में उतरे उम्मीदवारों की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। भाजपा के अलावा कांग्रेस के अमित कुमार ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन बसपा के वीरेंद्र राव, जेएसपी के संतोष चौधरी और एजेपी के संजय प्रसाद उर्फ संजय कुमार सिंह जैसे अन्य दावेदारों ने भी वोटों को बांटा। कुल 11 नामों की इस दौड़ में भाजपा का संगठन और स्थानीय समर्थन निर्णायक साबित हुआ। नारायण प्रसाद ने अपनी पिछली जीतों का फायदा उठाया, जहां उन्होंने विकास के वादों को जमीन पर उतारने का दावा किया। वहीं, कांग्रेस ने जातीय समीकरणों को भुनाने की कोशिश की, लेकिन नतीजे उनके पक्ष में नहीं गए।
इस बार के चुनाव में मतदाता आधार का ग्रामीण चरित्र भी सामने आया। 2011 की जनगणना के मुताबिक, नौतन में 98.45 प्रतिशत आबादी गांवों में बसी है, जबकि शहरी वोटर महज 1.56 प्रतिशत हैं। अनुसूचित जाति के 12.45 प्रतिशत और जनजाति के 0.66 प्रतिशत मतदाताओं ने भी बैलेंस टिल्ट किया। पश्चिम चंपारण लोकसभा क्षेत्र के इस हिस्से में मुस्लिम (17.3 प्रतिशत) और यादव समुदाय की मौजूदगी राजद के लिए फायदेमंद मानी जाती है, लेकिन इस बार भी वे मैदान से बाहर रहे। कोइरी, कुर्मी और रविदास जैसे समुदायों ने भाजपा को मजबूती दी, जो क्षेत्र की सियासी जटिलताओं को उजागर करता है।
नौतन सीट का सियासी इतिहास: कांग्रेस से भाजपा तक का सफर
नौतन विधानसभा चुनाव परिणाम को पिछले दौर से जोड़कर देखें, तो यह सीट राजनीतिक उथल-पुथल की गवाह रही है। 1951 से 1985 तक कांग्रेस का यहां दबदबा कायम था, लेकिन 1990 के बाद समीकरण बदल गए। पिछले छह विधानसभा चुनावों में से चार बार यह जेडीयू और उसकी पूर्ववर्ती समता पार्टी के खाते में गई। हालांकि, 2009 और 2015 में जेडीयू को झटका लगा। नारायण प्रसाद का नाम इस सीट से गहराई से जुड़ा है। 2010 में वे एलजेपी के टिकट पर लड़े और 18,130 वोट (16.17 प्रतिशत) लेकर हार गए, जब जेडीयू की मनोरमा प्रसाद ने 40,894 वोट (36.48 प्रतिशत) से जीत हासिल की। लेकिन 2015 में भाजपा के बैनर तले उन्होंने कमबैक किया।
उस साल नारायण प्रसाद को 66,696 वोट (44.35 प्रतिशत) मिले, जबकि जेडीयू के वैद्यनाथ प्रसाद महतो को 52,362 वोट (34.82 प्रतिशत)। जीत का अंतर 14,334 वोटों का था। फिर 2020 में उन्होंने 78,657 वोट (46.97 प्रतिशत) पाकर कांग्रेस के शेख मोहम्मद कामरान को 52,761 वोट (31.51 प्रतिशत) से पीछे छोड़ा। अंतर तब 25,896 वोटों का था। ये आंकड़े बताते हैं कि नारायण प्रसाद ने धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत की है, और 2025 में हैट्रिक ने इसे पक्का कर दिया।
नौतन में प्रमुख मुद्दे: बाढ़ से सड़कों तक की चुनौतियां
क्षेत्र की धरती पर खड़े होकर बात करें, तो नौतन के वोटरों के जेहन में बाढ़ का साया हमेशा मंडराता है। 2020 के चुनावों में भी विस्थापन, जलविद्युत परियोजनाओं में देरी, तटबंधों की खराब हालत और जर्जर सड़कें जैसे मुद्दे छाए रहे। विपक्ष ने इन्हें हथियार बनाया, लेकिन भाजपा ने स्थानीय स्तर पर कामकाज का दावा कर वोट बटोरे। यादव और मुस्लिम वोट बैंक के बावजूद राजद की अनुपस्थिति ने मुकाबले को सीमित कर दिया। कोइरी-कुर्मी गठजोड़ ने भाजपा को फायदा पहुंचाया, जबकि रविदास समुदाय की भूमिका भी अहम रही। ये जातीय और स्थानीय कारक ही नौतन को हर बार रोचक बनाते हैं।
नौतन विधानसभा चुनाव परिणाम: जानिए किस प्रत्याशी को कितना मिला वोट
| क्रम संख्या | अभ्यर्थी | दल का नाम | ई.वी.एम. मत | डाक द्वारा मत | कुल मत | % मत |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | अमित कुमार | इंडियन नेशनल काँग्रेस | 79525 | 355 | 79880 | 38.43 |
| 2 | नारायण प्रसाद | भारतीय जनता पार्टी | 101725 | 227 | 101952 | 49.05 |
| 3 | विरेन्द्र राव | बहुजन समाज पार्टी | 2700 | 14 | 2714 | 1.31 |
| 4 | अजीत कुमार साह | जनशक्ति जनता दल | 779 | 3 | 782 | 0.38 |
| 5 | जय प्रकाश | नेशनलिस्ट कॉंग्रेस पार्टी | 268 | 2 | 270 | 0.13 |
| 6 | संजय प्रसाद उर्फ संजय कुमार सिंह | अपनी जनता पार्टी | 816 | 6 | 822 | 0.4 |
| 7 | संतोष चौधरी | जन सुराज पार्टी | 12028 | 54 | 12082 | 5.81 |
| 8 | चितरंजन कुमार पटेल | निर्दलीय | 1530 | 3 | 1533 | 0.74 |
| 9 | मोहम्मद अली | निर्दलीय | 643 | 2 | 645 | 0.31 |
| 10 | विपिन बिहारी पान्डेय | निर्दलीय | 1990 | 0 | 1990 | 0.96 |
| 11 | सिकन्दर राम | निर्दलीय | 1943 | 0 | 1943 | 0.93 |
| 12 | इनमे से कोई नहीं | इनमें से कोई नहीं | 3215 | 5 | 3220 | 1.55 |
| कुल | 207162 | 671 | 207833 | |||
