लौरिया विधानसभा चुनाव परिणाम 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों ने पूरे राज्य में सियासी हलचल मचा दी है, लेकिन पश्चिम चंपारण के लौरिया क्षेत्र में BJP की जीत ने स्थानीय समर्थकों को खासा उत्साहित कर दिया। यहां के मतदाताओं ने एक बार फिर विकास और स्थिरता को प्राथमिकता देते हुए विनय बिहारी को भारी बहुमत से विजयी बनाया।
लौरिया विधानसभा चुनाव परिणाम (Lauriya Assembly Election Results 2025) ने साफ बता दिया कि ग्रामीण इलाकों में BJP का दबदबा अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो चुका है। विनय बिहारी को कुल 96,510 वोट मिले, जो उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 26,966 वोट ज्यादा हैं। यह जीत न सिर्फ सीट को मजबूती से NDA के पाले में रखती है, बल्कि पूरे पश्चिम चंपारण जिले की सियासत को नई दिशा भी देती है।
लौरिया सीट पर वोटिंग का पूरा ब्योरा
चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, लौरिया विधानसभा चुनाव परिणाम में विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के रण किशोर प्रताप सिंह दूसरे नंबर पर रहे, जिन्हें 69,544 वोट प्राप्त हुए। महागठबंधन के इस उम्मीदवार को उम्मीद थी कि नेपाल सीमा से सटे इस ग्रामीण क्षेत्र में स्थानीय मुद्दों पर समर्थन मिलेगा, लेकिन मतदाताओं ने BJP के पक्ष में फैसला लिया।
तीसरे स्थान पर जनसुराज पार्टी के सुनील कुमार रहे, जिन्होंने कड़ी मेहनत के बावजूद तीसरा स्थान ही हासिल कर पाए। अन्य उम्मीदवारों में बहुजन समाज पार्टी के मोहम्मद हारुन को करीब 3,000 वोट मिले, जबकि निर्दलीय और छोटे दलों के नामांकनकर्ताओं को भी कुछ समर्थन जरूर मिला। कुल मिलाकर, नोटा को 2,385 वोट पड़े, जो मतदाताओं की नाराजगी का संकेत देते हैं।
उम्मीदवारों के वोट शेयर की तुलना
| उम्मीदवार का नाम | पार्टी | वोट संख्या | मार्जिन |
|---|---|---|---|
| विनय बिहारी | BJP | 96,510 | विजेता |
| रण किशोर प्रताप सिंह | VIP | 69,544 | -26,966 |
| सुनील कुमार | जनसुराज | (अनुमानित 15,000+) | तीसरा स्थान |
| अन्य | विभिन्न | 10,000+ | – |
यह तालिका लौरिया विधानसभा चुनाव परिणाम के मुख्य आंकड़ों को सरलता से दर्शाती है। BJP का वोट शेयर करीब 45% रहा, जो पिछले चुनावों से काफी बेहतर है।
लौरिया का सियासी इतिहास: अशोक स्तंभ से लेकर BJP का उदय
लौरिया कोई साधारण विधानसभा क्षेत्र नहीं है। सम्राट अशोक के प्रसिद्ध शिलालेख स्तंभ और नंदगढ़ के प्राचीन स्तूप इसे ऐतिहासिक महत्व देते हैं। पहले यह सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित थी, लेकिन अब सामान्य श्रेणी में आ चुकी है। 1970-80 के दशक में कांग्रेस का यहां जलवा रहा, लेकिन 2010 के बाद BJP ने धीरे-धीरे अपनी जड़ें मजबूत कीं।
पश्चिम चंपारण के इस पूरी तरह ग्रामीण इलाके में नेपाल की सीमा होने से सीमा सुरक्षा, कृषि और बुनियादी सुविधाएं प्रमुख मुद्दे रहते हैं। मतदाता, ज्यादातर किसान और मजदूर, विकास के नाम पर BJP की ओर झुके। स्थानीय लोगों से बातचीत में पता चला कि सड़कें, बिजली और सिंचाई परियोजनाओं ने विनय बिहारी के पक्ष में माहौल बनाया।
बिहार चुनाव 2025 में लौरिया की भूमिका
राज्य स्तर पर देखें तो लौरिया विधानसभा चुनाव परिणाम NDA की कुल जीत को मजबूत करने में अहम साबित हुआ। बिहार के 243 सीटों में से पश्चिम चंपारण जैसे जिलों से BJP-JD(U) गठबंधन को फायदा हुआ। विपक्षी महागठबंधन को यहां झटका लगा, खासकर VIP जैसे सहयोगियों को।
ग्राउंड पर उतरकर देखा जाए तो मतगणना के दौरान लौरिया के बूथों पर उत्साह का माहौल था। BJP कार्यकर्ता जश्न मना रहे थे, जबकि विपक्षी खेमे में सन्नाटा पसर गया। यह नतीजा न सिर्फ स्थानीय सियासत, बल्कि आने वाले दिनों की रणनीति को भी प्रभावित करेगा।
लौरिया विधानसभा चुनाव परिणाम 2025: जानिए किस प्रत्याशी को कितना मिला वोट
| क्रम संख्या | प्रत्याशी का नाम | दल का नाम | ई.वी.एम. मत | डाक द्वारा मत | कुल मत | % मत |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | मोहम्मद हारून | बहुजन समाज पार्टी | 3426 | 16 | 3442 | 1.82 |
| 2 | विनय बिहारी | भारतीय जनता पार्टी | 96225 | 285 | 96510 | 50.36 |
| 3 | पप्पु कुमार ठाकुर | द प्लुरल्स पार्टी | 4030 | 5 | 4035 | 2.11 |
| 4 | रण कौशल प्रताप सिंह | विकासशील इंसान पार्टी | 69214 | 330 | 69544 | 36.29 |
| 5 | सुनील कुमार | जन सुराज पार्टी | 15609 | 113 | 15722 | 8.26 |
| 6 | इनमे से कोई नहीं | इनमें से कोई नहीं | 2385 | 9 | 2394 | 1.25 |
| कुल | 190889 | 758 | 191647 | |||
