🔥 पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ेंगी! ₹18 और ₹35 तक महंगा हो सकता है, चुनाव बाद बड़ा झटका – रिपोर्ट
कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के कारण आम लोगों पर फिर महंगाई का नया बोझ पड़ सकता है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म मैक्वायरी की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि पेट्रोल ₹18 प्रति लीटर और डीजल ₹35 प्रति लीटर तक महंगा हो सकता है।
📉 हर दिन ₹1,600 करोड़ का घाटा झेल रही हैं तेल कंपनियां
कच्चा तेल महंगा होने के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई गई हैं। इससे तेल कंपनियों को प्रति लीटर पेट्रोल पर ₹18 और डीजल पर ₹35 का घाटा हो रहा है।
पहले पीक पर: रोजाना ₹2,400 करोड़ का नुकसान
एक्साइज ड्यूटी कटौती के बाद: घाटा घटकर ₹1,600 करोड़ प्रति दिन रह गया है।
हर 10 डॉलर प्रति बैरल के उछाल से कंपनियों का नुकसान लगभग ₹6 प्रति लीटर और बढ़ जाता है।
🇮🇳 भारत 88% कच्चा तेल आयात करता है
भारत अपनी जरूरत का लगभग 88% कच्चा तेल विदेश से आयात करता है। इसमें से 45% मिडिल ईस्ट और 35% रूस से आता है। बढ़ती कीमतें न सिर्फ तेल कंपनियों को नुकसान पहुंचा रही हैं, बल्कि देश के चालू खाता घाटे (CAD) को भी गहरा रही हैं।
अनुमान: 2026 की पहली तिमाही में CAD 20 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
📉 एक्साइज ड्यूटी में भारी गिरावट
सरकारी राजस्व में तेल से मिलने वाली एक्साइज ड्यूटी का हिस्सा लगातार घट रहा है। वित्त वर्ष 2017 में यह 22% था, जो अब घटकर सिर्फ 8% रह गया है।
अगर सरकार पूरी एक्साइज ड्यूटी भी हटा दे, तब भी मौजूदा कीमतों पर तेल कंपनियों का घाटा पूरी तरह खत्म नहीं होगा।
🌍 दुनिया भर में बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
- अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत 4 डॉलर प्रति गैलन के ऊपर पहुंच गई है (अगस्त 2022 के बाद पहली बार)
- पाकिस्तान, नेपाल और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों ने भी हाल ही में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए हैं
क्या सरकार कीमतें बढ़ने देगी या फिर सब्सिडी का सहारा लेगी?
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निष्कर्ष: कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल के कारण आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ने वाला है। चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हो सकता है। ऐसे में लोगों को अपनी मासिक बजट में सावधानी बरतनी होगी।
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