दिल्ली की एक बुजुर्ग महिला को पांच दिनों तक व्हाट्सएप पर ‘हिरासत’ में रखकर ठग लिया गया। अब देवरिया के एक गांव में दिल्ली पुलिस की टीम ने रातोंरात दबिश देकर पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया।
देवरिया जिले की गोरखपुर सीमा से सटे हड़हा गांव में शुक्रवार की रात अचानक दिल्ली क्राइम ब्रांच की साइबर टीम पहुंची, तो ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। डिजिटल अरेस्ट ठगी के इस बड़े मामले में दो स्थानीय युवक आदित्य सिंह और अभिषेक सिंह की तलाश में पुलिस ने घर-घर छानबीन की, लेकिन दोनों फरार मिले।
डिजिटल अरेस्ट ठगी की पूरी कहानी
जनवरी 2025 में दिल्ली की 74 साल की सुधा कुमारी को एक अनजान नंबर से फोन आया। कॉलर ने खुद को हैदराबाद साइबर क्राइम का अधिकारी बताकर महिला को डराया कि उनके नाम पर ड्रग्स तस्करी, हथियारों का कारोबार और फर्जी बैंक अकाउंट्स से जुड़े गंभीर आरोप हैं। डर के मारे महिला ने बात मानी, और ठगों ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए उन्हें पांच दिनों तक ‘डिजिटल हिरासत’ में रखा। इस दौरान किसी से संपर्क करने की इजाजत नहीं दी गई।
ठगों ने महिला से बैंक डिटेल्स हासिल कर 53.55 लाख रुपये अलग-अलग अकाउंट्स में ट्रांसफर करवा लिए। छठे दिन जब सुधा कुमारी को शक हुआ और वे बैंक पहुंचीं, तो पता चला कि वे साइबर धोखाधड़ी की शिकार हो चुकी हैं। दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद जांच शुरू हुई, जो सीधे देवरिया तक पहुंच गई।
गिरफ्तारियां और देवरिया का कनेक्शन
पुलिस जांच में दो मुख्य संदिग्ध विपिन कुमार और चंदन कुमार को हिरासत में लिया गया। पूछताछ से खुलासा हुआ कि ठगी की रकम का बड़ा हिस्सा देवरिया के हड़हा गांव के आदित्य और अभिषेक सिंह के बैंक खातों में जाता था। ये दोनों युवक एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े थे, जहां वे पैसे को आगे अन्य अकाउंट्स में शिफ्ट करते थे।
ग्रामीणों से बात करने पर पता चला कि आदित्य और अभिषेक सामान्य परिवारों से हैं, लेकिन हाल के महीनों में उनके व्यवहार में बदलाव आया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ये युवक ठगी के पैसे से लग्जरी जीवन जी रहे थे, जिसकी जांच अब बैंक ट्रांजेक्शनों से की जा रही है।
सर्च ऑपरेशन की रात और कुर्की की कार्रवाई
शुक्रवार रात दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम देवरिया पहुंची और स्थानीय एकौना थाने की पुलिस के साथ मिलकर हड़हा गांव में सर्च अभियान चलाया। भारी पुलिस बल देखकर गांव में सनसनी फैल गई, लोग घरों से बाहर निकल आए। टीम ने आदित्य और अभिषेक के घरों की तलाशी ली, लेकिन दोनों घर पर नहीं मिले।
नतीजतन, पुलिस ने दोनों के मकानों पर कुर्की नोटिस चिपका दिया। एकौना थाना प्रभारी अजय कुमार पांडेय ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर ऑपरेशन चलाया गया। उन्होंने कहा कि आरोपियों को पकड़ने के लिए स्थानीय स्तर पर तलाश तेज कर दी गई है, और सभी बैंक खातों की डिटेल्स खंगाली जा रही हैं।
जांच में आगे क्या?
पुलिस अब ठगी की पूरी रकम रिकवर करने पर फोकस कर रही है। साइबर टीम अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है, और देवरिया पुलिस भी गांव में नजर रख रही है। मामले की तह तक पहुंचने के लिए बैंक रिकॉर्ड्स और फोन कॉल्स की फॉरेंसिक जांच जारी है।
इस घटना ने एक बार फिर साइबर अपराधों की गंभीरता को उजागर किया है। अपडेट्स के लिए जुड़े रहें, क्योंकि पुलिस की अगली कार्रवाई से और खुलासे हो सकते हैं।
