SWP या ELSS: रिटायरमेंट के लिए कौन सा तरीका देगा ज्यादा फायदा और सुरक्षा?

महंगाई हर महीने नई ऊंचाई छू रही है, मेडिकल खर्च और बच्चों की पढ़ाई का बोझ बढ़ता जा रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है – रिटायरमेंट के बाद पैसे कहां से आएंगे?
आज लाखों लोग इसी दुविधा में हैं कि SWP या ELSS – दोनों में से कौन सा विकल्प ज्यादा भरोसेमंद और जरूरत के हिसाब से सही रहेगा।

SWP और ELSS में बुनियादी फर्क क्या है?

दोनों ही म्यूचुअल फंड की कैटेगरी में आते हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल पूरी तरह अलग-अलग तरीके से होता है।
SWP यानी सिस्टेमैटिक विड्रॉल प्लान आपको अपने जमा फंड से हर महीने तय रकम निकालने की सुविधा देता है – बिल्कुल प्राइवेट पेंशन की तरह।
वहीं ELSS यानी इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम मुख्य रूप से इनकम टैक्स बचाने और लंबे समय में वेल्थ बनाने का जरिया है।

सिस्टेमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP) क्या है और कैसे काम करता है?

मान लीजिए आपके पास किसी अच्छे इक्विटी या हाइब्रिड फंड में 50 लाख रुपये जमा हैं। आप SWP शुरू करते हैं और हर महीने 40-50 हजार रुपये निकालने का प्लान बनाते हैं।
बाकी का पैसा फंड में लगा रहता है और उस पर बाजार के हिसाब से रिटर्न भी मिलता रहता है। इससे आपका कोष लंबे समय तक चलता रहता है।
पिछले 10-15 साल के डेटा के मुताबिक अगर आप 6-7% सालाना विड्रॉल रेट रखते हैं तो ज्यादातर मामलों में मूल धन 20-25 साल तक बना रहता है।

SWP कब चुनना चाहिए?

  • रिटायरमेंट हो चुका है या 2-3 साल में होने वाला है
  • हर महीने फिक्स्ड इनकम की जरूरत है
  • पहले से अच्छा-खासा म्यूचुअल फंड कॉर्पस तैयार है
  • मार्केट के उतार-चढ़ाव से मानसिक तनाव नहीं लेना चाहते

ऐसे लोगों के लिए SWP आज की तारीख में सबसे प्रैक्टिकल और पॉपुलर रेगुलर इनकम सोर्स बन गया है।

ELSS फंड की खासियत और फायदे

ELSS एकमात्र म्यूचुअल फंड कैटेगरी है जो सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख तक की टैक्स बचत देती है। साथ ही सिर्फ 3 साल का लॉक-इन पीरियड है – बाकी टैक्स सेविंग ऑप्शन के मुकाबले सबसे कम।
पिछले 10 साल में अच्छे ELSS फंड्स ने 14-18% तक औसत सालाना रिटर्न दिया है, जो FD और PPF से काफी ज्यादा है।

ELSS किन लोगों के लिए बेस्ट है?

  • उम्र 25 से 45 साल के बीच है
  • अभी सैलरी अच्छी है और टैक्स स्लैब ऊंचा है
  • 8-10 साल या उससे ज्यादा लंबे समय तक निवेश रख सकते हैं
  • इक्विटी मार्केट का रिस्क लेने की क्षमता है

SWP या ELSS – आपके लिए कौन सा सही रहेगा?

अगर आपकी उम्र 55 साल से ऊपर है और रिटायरमेंट नजदीक है तो SWP आपके लिए ज्यादा सुरक्षित और उपयोगी विकल्प है।
अगर आप अभी 40 साल से कम उम्र के हैं, अच्छी सैलरी है और टैक्स भी ज्यादा कट रहा है तो ELSS से शुरुआत करें। 10-15 साल बाद यही ELSS का पैसा SWP में डालकर आप लाइफटाइम रेगुलर इनकम बना सकते हैं।

सबसे स्मार्ट तरीका – दोनों को एक साथ चलाएं

ज्यादातर फाइनेंशियल प्लानर्स आज यही सलाह दे रहे हैं –
पहले 10-15 साल ELSS और दूसरे इक्विटी फंड्स में SIP करें → टैक्स बचत + हाई ग्रोथ
लॉक-इन खत्म होने के बाद बड़े फंड को हाइब्रिड/बैलेंस्ड फंड में शिफ्ट करें
फिर उसी फंड से SWP शुरू करें → लाइफटाइम रेगुलर इनकम

इस तरह आप टैक्स बचत, हाई रिटर्न और रिटायरमेंट के बाद स्थिर इनकम – तीनों फायदे एक साथ ले सकते हैं।

आखिरी बात

महंगाई और मेडिकल खर्च जिस रफ्तार से बढ़ रहे हैं, उस हिसाब से सिर्फ बचत करना काफी नहीं। जरूरत है सही समय पर सही जगह निवेश करने की।

SWP और ELSS कोई एक-दूसरे के खिलाफ नहीं हैं – बल्कि ये एक-दूसरे के पूरक हैं। आपकी उम्र और जरूरत जो भी हो, इनमें से कोई न कोई विकल्प आपके रिटायरमेंट को सुरक्षित जरूर बना सकता है।

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डिस्क्लेमर: म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें। पिछले प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं हैं।

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