Ramnagar Assembly Election Results 2025: बिहार की राजनीति में एक और बड़ा मोड़ आ गया है। शुक्रवार 14 नवंबर को घोषित बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने रामनगर सीट पर भाजपा को फिर से मजबूत पकड़ दिला दी, जहां नंदकिशोर राम ने कड़ी टक्कर के बाद शानदार जीत हासिल की।
रामनगर विधानसभा चुनाव परिणाम: वोटिंग की पूरी तस्वीर
रामनगर विधानसभा चुनाव परिणाम ने साफ बता दिया कि यहां का मतदाता पीएम मोदी और नीतीश कुमार के कार्य से खुश है। भाजपा के दिग्गज नंदकिशोर राम को कुल 1,15,214 वोट मिले, जो उनकी अपार मेहनत का नतीजा है। उन्होंने अपने सबसे बड़े मुकाबले वाले राजद के सुबोध कुमार पासवान को 35,680 वोटों के भारी अंतर से पीछे छोड़ दिया। सुबोध को 79,534 वोट हासिल हुए, जो पार्टी की उम्मीदों पर पानी फेरने वाले साबित हुए।
इस सीट पर कुल आठ उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन असली जंग तो भाजपा और राजद के बीच ही रही। तीसरे नंबर पर जन सुराज के पप्पू कुमार रंजन रहे, जिन्हें महज 6,992 वोट मिले। बाकी उम्मीदवारों का प्रदर्शन न के बराबर रहा, जो बताता है कि वोट सीधे दो प्रमुख दलों की ओर बंटे। ग्राउंड पर घूमते हुए पता चला कि विकास के मुद्दे और स्थानीय नेतृत्व ने यहां का रुख तय किया।
रामनगर सीट का ऐतिहासिक सफर: भाजपा का लंबा दबदबा
पश्चिम चंपारण जिले में बसी रामनगर विधानसभा सीट बिहार की 243 सीटों में से एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह वाल्मीकि नगर लोकसभा क्षेत्र के दायरे में आती है, जहां ग्रामीण इलाकों का बोलबाला है। कुल मतदाताओं में से सिर्फ 19.40 प्रतिशत शहरी हैं, बाकी सब गांवों से जुड़े लोग हैं, जो चुनावी समीकरण को हमेशा प्रभावित करते हैं।
इतिहास के पन्नों में झांकें तो 1962 के चुनाव में स्वतंत्र पार्टी के नारायण विक्रम शाह ने यहां तहलका मचाया था। लेकिन उसके बाद का दौर भाजपा का रहा। खासकर 2010 से भागीरथी देवी ने इस सीट पर कमाल दिखाया। वे लगातार तीन बार विधायक बनीं, और उनकी मेहनत ने पार्टी को मजबूत आधार दिया। इस बार नंदकिशोर राम ने उसी परंपरा को आगे बढ़ाया, जो रामनगर को भाजपा का गढ़ बनाए रखने का संकेत है।
जातीय समीकरण: राजपूतों का जलवा, अन्य समुदायों की अहम भूमिका
रामनगर के चुनावी रंग में जाति का रोल हमेशा से बड़ा रहा है। यहां राजपूत समुदाय का प्रभाव हावी है, जो वोट बैंक को एकजुट करने में माहिर साबित होता है। लेकिन ब्राह्मण, वैश्य, यादव, मुस्लिम और दलित मतदाता भी परिणाम को झुकाने की ताकत रखते हैं। थारू और अन्य आदिवासी भाई-बहनों की आवाज भी कम नहीं आंकी जा सकती, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां उनकी संख्या अच्छी-खासी है।
इस बार के रामनगर विधानसभा चुनाव परिणाम में ये सभी समुदायों की चालें साफ झलक रही हैं। भाजपा ने राजपूत-केंद्रित रणनीति के साथ विकास के वादों को जोड़ा, जबकि राजद ने यादव-मुस्लिम गठजोड़ पर दांव लगाया। नतीजा सबके सामने है – एक तरफ भारी जीत, दूसरी तरफ सोचने को मजबूर करने वाला प्रदर्शन।
रामनगर विधानसभा चुनाव परिणाम 2025: जानिए किस उम्मीदवार को कितना मिला वोट
| क्रम संख्या | प्रत्याशी का नाम | दल का नाम | ई.वी.एम. मत | डाक द्वारा मत | कुल मत | % मत |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | आदित्य कुमार | बहुजन समाज पार्टी | 2649 | 14 | 2663 | 1.25 |
| 2 | नन्द किशोर राम | भारतीय जनता पार्टी | 114958 | 256 | 115214 | 54.13 |
| 3 | सुबोध कुमार | राष्ट्रीय जनता दल | 79216 | 318 | 79534 | 37.36 |
| 4 | पप्पू कुमार रंजन | जन सुराज पार्टी | 6933 | 59 | 6992 | 3.28 |
| 5 | ललन पासवान | नेशनलिस्ट कॉंग्रेस पार्टी | 613 | 5 | 618 | 0.29 |
| 6 | वशिष्ठ पासवान | सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी | 1515 | 2 | 1517 | 0.71 |
| 7 | अंगद राम | निर्दलीय | 1842 | 0 | 1842 | 0.87 |
| 8 | संतोष राम | निर्दलीय | 2294 | 1 | 2295 | 1.08 |
| 9 | इनमे से कोई नहीं | इनमें से कोई नहीं | 2178 | 6 | 2184 | 1.03 |
| कुल | 212198 | 661 | 212859 | |||
