बिहार में मतगणना के पहले सड़क पर बिखरी पड़ी मिली VVPAT पर्चियां: वीडियों वायरल, EC ने 2 कर्मचारियों को किया सस्पेंड

बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना के पहले सड़क पर VVPAT पर्चियां बिखरी हुई दिखाई दी, जिसका वीडियों तेजी से वायरल हो रहा है। चुनाव आयोग ने घटना की गंभीरता को देखते हुए 2 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया।

मतगणना के पहले सड़क पर बिखरी पड़ी VVPAT पर्चियां:राजद ने लगाया केंद्र सरकार पर वोट की डकैती का आरोप

बिहार के समस्तीपुर जिले में एक ऐसी घटना सामने आई है, जो चुनावी माहौल को गरमा रही है। सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र के पास सड़क पर बिखरी VVPAT की पर्चियां न सिर्फ विपक्ष को हथियार दे रही हैं, बल्कि लोकतंत्र की मजबूती पर सवाल भी खड़े कर रही हैं।

समस्तीपुर में मतगणना के पहले सड़क पर बिखरी पड़ी VVPAT पर्चियां: जानिए क्या है पूरा मामला

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 6 नवंबर को सरायरंजन जैसे इलाकों में वोटिंग हुई। वोटिंग से ठीक पहले हर बूथ पर मॉक पोल आयोजित किया जाता है, ताकि ईवीएम और VVPAT मशीनों की कार्यप्रणाली की जांच हो सके। इसी मॉक पोल के दौरान निकली पर्चियां—जिन्हें मॉक स्लिप्स कहा जाता है—दो दिन बाद शीतलपट्टी गांव के पास KSR कॉलेज की सड़क पर कूड़े की तरह बिखरी मिलीं। स्थानीय लोगों ने इन्हें देखा और फोटो-वीडियो वायरल कर दिए। ये पर्चियां भारी संख्या में थीं, जो चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा रही हैं।

प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया। जिला मजिस्ट्रेट ने जांच के सख्त निर्देश जारी किए हैं। डीएम ने स्पष्ट कहा कि दोषी पाए जाने पर सीधे एफआईआर दर्ज होगी। अच्छी बात ये है कि इन मॉक स्लिप्स का असली वोटिंग पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि ये सिर्फ टेस्टिंग के लिए इस्तेमाल हुई थीं। फिर भी, ये घटना चुनाव आयोग की निगरानी पर चर्चा छेड़ रही है।

चुनाव आयोग की त्वरित कार्रवाई: दो कर्मचारी निलंबित

चुनाव आयोग ने भी हाथ पर हाथ धरे नहीं रखा। समस्तीपुर VVPAT पर्चियां मिलने की खबर मिलते ही EC ने दो जिम्मेदार कर्मचारियों को तत्काल सस्पेंड कर दिया। ये अधिकारी मॉक पोल प्रक्रिया से जुड़े थे, और उनकी लापरवाही को ही पर्चियों के फेंके जाने का कारण माना जा रहा है। आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ऐसी अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच पूरी होने पर और कार्रवाई का ऐलान किया गया है।

ये कदम विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की कोशिश लगता है, लेकिन महागठबंधन के नेता इसे काफी नहीं मान रहे। उनका कहना है कि ये सिर्फ दिखावा है, और असली सवाल चुनाव प्रक्रिया की अखंडता पर है।

विपक्ष का हमला: RJD का वीडियो और महागठबंधन के सवाल

महागठबंधन में शामिल दलों ने इस घटना को पकड़ लिया है। RJD ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें सड़क पर बिखरी पर्चियां साफ नजर आ रही हैं। कैप्शन में लिखा गया—कब, कैसे, क्यों और किसके इशारे पर ये पर्चियां फेंकी गईं? क्या चुनाव आयोग इसका जवाब देगा? पार्टी ने इसे ‘वोट चोरी’ का षड्यंत्र करार दिया, और केंद्र सरकार पर लोकतंत्र के डकैत होने का आरोप लगाया।

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अखिलेश यादव का पूर्णिया में तंज: EC है BJP की ‘C’ टीम

पूर्णिया में महागठबंधन प्रत्याशी के समर्थन में सपा प्रमुख अखिलेश यादव उतरे। उन्होंने चुनाव आयोग को BJP की ‘C’ टीम बता डाला। बिहार में महागठबंधन को मजबूत करने और BJP को ‘नौ दो ग्यारह’ करने का आह्वान किया। अखिलेश ने कहा—दिल्ली से बड़ी-बड़ी बातें होती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। BJP की कई टीमें बिहार में बहरूपिए की तरह काम कर रही हैं, और इस बार युवाओं का नहीं, BJP का पलायन होगा। मंदिर का जिक्र करते हुए तंज कसा—हम मंदिर जाते हैं, तो BJP वाले मंदिर धुलवाते हैं।

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