देवरिया जिले में विजय दशमी और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के अवसर पर भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। एकौना थाना क्षेत्र के विभिन्न घाटों और पुलों पर भारी भीड़ देखी गई, जिसे नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
मां दुर्गा की प्रतिमाओं को विसर्जित करने के लिए युवक ट्रॉली-ट्रैक्टर पर डीजे लगाकर नाचते-गाते हुए चल रहे थे। डीजे पर बज रहे मां दुर्गा के गीतों पर युवक, युवतियां, बड़े और बुजुर्ग सभी थिरकते हुए दिखाई दिए। पचलड़ी डीह चौराहे के एक दुकानदार राहुल प्रजापति ने बताया कि इतनी भीड़ पहले कभी नहीं देखी गई थी, जिससे बाजार की रौनक भी बढ़ गई थी।
दर्जनों गांवों की दुर्गा प्रतिमाएं पचलड़ी डीह स्थित गोर्रा नदी पर बने पिडरा पुल पर विसर्जित की गईं। इसके अतिरिक्त, नरायनपुर चौराहे पर भी भारी भीड़ उमड़ी, जहां रुद्रपुर उपनगर और आसपास के लगभग 48 गांवों की प्रतिमाएं विसर्जित की गईं।
नरायनपुर में भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। गोर्रा नदी में पुलिस नावों के साथ स्थानीय गोताखोरों को भी तैनात किया गया था, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से निपटा जा सके।
राप्ती नदी के तट पर स्थित करहकोल और सीमावर्ती सियर-गजपुर में भी भारी भीड़ थी। यहां एकौना और पड़ोसी जिले गोरखपुर की गगहा पुलिस ने संयुक्त रूप से भीड़ को नियंत्रित किया। इस स्थान पर लगभग 38 गांवों की प्रतिमाएं विसर्जित हुईं। एकौना थाना के पास राप्ती नदी पर बने रकहट पुल पर भी गोरखपुर और देवरिया की एकौना पुलिस संयुक्त रूप से व्यवस्था संभालती दिखी।
इस दौरान मां दुर्गा के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। नकईल, डाला, डढ़िया, भगवानपुर, रतनपुर, खोपा, बेलवा दुबौली, भगवान मांझा, हड़हा, हौली वलिया, जगरनाथपुर, सरांव, बैदा, कोडर, नीबा, विशुनपुर बगही, लालपुर परसिया समेत दर्जनों गांवों के ग्रामीण मां दुर्गा का जयकारा लगाते हुए दिखाई दिए।
