प्रतिमा विसर्जन के दौरान 7 डूबे: परिजन नदी में उतर दुर्गा प्रतिमा को पकड़कर रो रहे।

उत्तर प्रदेश के आगरा ज़िलें में प्रतिमा विसर्जन के दौरान 7 लड़के नदी में डूब गए। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने रेस्क्यू कर एक लड़के को बाहर निकाला जिसकी हालात नाजुक बताई जा रही है जबकि 6 अभी भी लापता है।

आगरा (उत्तर प्रदेश), 2 अक्तूबर: दुर्गा पूजा की विदाई की खुशी अचानक मातम में बदल गई, जब नदी के तेज बहाव ने सात युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। घाट पर रोती-बिलखती महिलाएं मां दुर्गा की प्रतिमा थामे सलामती की दुआ मांग रही हैं, और पूरा गांव सदमे में डूबा हुआ है।

खेरागढ़ थाना क्षेत्र की डूंगरवाला उंटगन नदी में बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे दुर्गा प्रतिमा विसर्जित करने गए सात युवक अचानक डूब गए, जिनमें से एक भोला नाम के युवक को थाना प्रभारी मदन सिंह ने अपनी जान जोखिम में डालकर बचा लिया। हालांकि, उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, और बाकी छह युवक अब भी लापता हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग विसर्जन के लिए घाट पर जुटे थे, लेकिन तेज धारा ने सब कुछ पलक झपकते बदल दिया।

हादसे की पूरी आपबीती: खुशी कैसे बदली चीख-पुकार में

डूंगरवाला गांव के पास उंटगन नदी पर यह दर्दनाक घटना उस वक्त हुई, जब युवक दुर्गा मां की मूर्ति लेकर विसर्जन के लिए पानी में उतरे। महिलाएं और लड़कियां किनारे पर रुक गईं, लेकिन सात युवक प्रतिमा को गहरे पानी में ले गए। अचानक तेज बहाव आया, और वे डूबने लगे। कुछ युवकों ने प्रतिमा छोड़कर खुद को बचाया, लेकिन छह बहकर दूर चले गए। मौके पर हाहाकार मच गया, लोग चिल्लाते हुए मदद मांगने लगे।

एक चश्मदीद महिला ने हमें बताया, “हम तो मां दुर्गा को विदा करने आए थे, लेकिन ये क्या हो गया। मेरी आंखों के सामने लड़के पानी में समाते चले गए, और हम कुछ न कर सके।” परिवार की एक बुजुर्ग महिला रोते हुए बोलीं, “मां दुर्गा, तू ही बचा ले मेरे बच्चे को। वो तो तेरी सेवा करने आया था, अब तू ही उसकी रक्षा कर।” घाट पर मूर्ति बीच नदी में छूट गई, और परिजन उसे पकड़कर घंटों प्रार्थना करते रहे। लापता युवकों में 15 साल का सचिन महावीर, 18 साल का ओके, 20 साल का भगवती, 20 साल का हरेश, 17 साल का गगन यादव और 19 साल का ओमपाल शामिल हैं, जो सभी आसपास के गांवों के रहने वाले हैं।

पुलिस का रेस्क्यू और अधिकारियों की दौड़: थाना प्रभारी बने हीरो

सूचना मिलते ही खेरागढ़ थाना प्रभारी मदन सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मदन सिंह ने बिना देर किए वर्दी उतारी और नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने भोला को पानी से बाहर निकाला, लेकिन बाकी युवकों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा था। डीसीपी वेस्ट अतुल शर्मा ने हमें फोन पर बताया, “पुलिस ने विसर्जन के लिए उंटगन नदी पुल के नीचे सुरक्षित जगह तय की थी, लेकिन ये लोग कैला देवी जाने के बहाने लौटे और रास्ते में ही डूंगरवाला घाट पर विसर्जन करने लगे। हमने 7-8 युवकों के लापता होने की पुष्टि की है, एक को बचा लिया गया।”

डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी और चेयरमैन सुधीर गर्ग भी घटनास्थल पहुंचे, जहां उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाली। गोताखोरों की टीम को लगाया गया है, जो लगातार तलाश में जुटी है। एक पुलिसकर्मी ने भावुक होते हुए कहा, “हम हर संभव कोशिश कर रहे हैं, लेकिन नदी का बहाव तेज है। परिवार वालों का दर्द देखकर दिल टूट जाता है।” प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है, ताकि आगे कोई हादसा न हो।

परिवार का दर्द और गांव की चुप्पी: मां दुर्गा की प्रार्थना में लगे लोग

हादसे के बाद लापता युवकों के घरों में मातम पसरा है। एक लापता युवक की मां ने आंसू पोछते हुए कहा, “मेरा बेटा तो मां दुर्गा का भक्त था, हर साल विसर्जन में जाता था। आज वो लौटेगा न? हे मां, तू ही उसे वापस ला दे।” गांव के बुजुर्गों ने बताया कि नदी में हर साल विसर्जन होता है, लेकिन इस बार पानी का स्तर ज्यादा था, जिसकी वजह से यह दुर्घटना हुई। महिलाएं मूर्ति के सामने हाथ जोड़कर सलामती मांग रही हैं, और पूरा इलाका प्रार्थना में डूबा है।

यह हादसा आगरा में दुर्गा दशमी उत्सव के दौरान हुआ जो सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां गोताखोर और लाइफ जैकेट जैसी सुविधाएं कम हैं। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

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